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यीडा ने एसडीएस ग्रुप को राहत देने के लिए छूट की पेशकश की, घर खरीदारों को मिलेगी राहत

30 मार्च, 2024 | सुबह 7:06 बजे IST

ग्रेटर नोएडा:
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह रियल्टी फर्म एसडीएस ग्रुप पर लगाए गए ब्याज में छूट प्रदान करेगा। इस परियोजना में देरी के कारण घर खरीदारों को हो रही परेशानी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

यीडा उत्तर प्रदेश सरकार की 21 दिसंबर, 2023 की नीति के तहत “अटकी हुई विरासत” आवासीय परियोजनाओं को राहत देने के प्रावधानों के अनुसार छूट देगा।

यीडा का बयान:
यीडा के एक अधिकारी ने कहा, “हम घर खरीदारों को राहत देने की कोशिश कर रहे हैं। कोविड महामारी के कारण दो साल का शून्य अवधि (जीरो पीरियड) मानते हुए हम बिल्डर के बकाये की पुनः गणना करेंगे। हमारा उद्देश्य है कि घर खरीदारों को उनकी संपत्तियों का पजेशन और रजिस्ट्री प्राप्त हो सके।”

प्रोजेक्ट का विवरण:

1,400 से अधिक घर खरीदार, जिन्होंने 14 साल पहले एसडीएस इंफ्राकॉन के एनआरआई टाउनशिप प्रोजेक्ट में निवेश किया था, अब भी अपने घरों के पजेशन का इंतजार कर रहे हैं।

यह प्रोजेक्ट यीडा के सेक्टर 26ए में 125 एकड़ में फैला हुआ है।

2011-2015 के बीच 600 प्लॉट खरीदारों की रजिस्ट्री की गई थी।

बुनियादी सुविधाओं की कमी:

टाउनशिप में अब भी बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।

कुछ खरीदार सोलर पैनल और इनवर्टर की मदद से वहां रह रहे हैं।

खरीदारों की समस्याएं:
खरीदारों ने बताया कि किसान मुआवजे की राशि 2011 में ₹1,770 प्रति वर्ग मीटर थी। लेकिन बिल्डर ने इसे समय पर भुगतान नहीं किया, जिससे यह बढ़कर ₹7,500 प्रति वर्ग मीटर हो गई।

प्रणय काठुरिया, एक प्लॉट खरीदार ने कहा, “हमने प्लॉट खरीदने के लिए लोन लिया और अब किराए के घर में रहते हुए बैंक ईएमआई का भुगतान करने को मजबूर हैं। बिल्डर ने कभी मुआवजे की मांग नहीं की, तो हमसे दंडात्मक ब्याज क्यों लिया जा रहा है?”

बिल्डर और प्राधिकरण पर आरोप:

खरीदारों ने आरोप लगाया कि यीडा ने समय पर परियोजना की निगरानी नहीं की।

बिल्डर ने आरोप लगाया कि यीडा ने बाहरी सुविधाएं, जैसे पानी और बिजली की कनेक्शन, उपलब्ध नहीं कराई।

यीडा ने 2018 में बिल्डर के खिलाफ ₹182 करोड़ की खरीदारों की राशि के गबन का मामला दर्ज किया था।

घर खरीदारों का संघ:
खरीदारों ने 2022 में एनआरआई टाउनशिप यमुना प्लॉट ओनर्स एसोसिएशन का गठन किया और इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर यीडा से 2018 के बोर्ड प्रस्ताव को लागू करने का अनुरोध किया।

निष्कर्ष:
यह मामला घर खरीदारों, बिल्डर और प्राधिकरण के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को उजागर करता है। यीडा की ओर से दी जा रही राहत से खरीदारों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द होगा।

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