बेगूसराय, बिहार – बिहार की राजनीति में युवा मुद्दों को केंद्र में रखते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और NSUI के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार ने सोमवार को ‘पलायन रोको, नौकरी दो’ पदयात्रा की अगुवाई की। यह यात्रा बेगूसराय से शुरू होकर राज्य के अन्य जिलों तक पहुंचेगी और युवाओं की बेरोज़गारी, शिक्षा में भ्रष्टाचार, और सरकारी नौकरियों में गिरती भागीदारी जैसे गंभीर मुद्दों पर केंद्रित है।
इस रैली में राहुल गांधी ने युवाओं से अपील की कि वे सफेद टी-शर्ट पहनकर अपनी एकजुटता दिखाएं। उन्होंने कहा, “यह सफेद रंग हमारे सपनों की शुद्धता और सरकार से पारदर्शिता की मांग का प्रतीक है। हम पलायन नहीं, अधिकार चाहते हैं। रोजगार हमारा हक है, भीख नहीं।”
कन्हैया कुमार, जो खुद भी बेगूसराय के रहने वाले हैं और इस इलाके की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज़ को भलीभांति जानते हैं, ने इस यात्रा को “बिहार के युवाओं की आवाज़” बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में युवाओं का बाहर जाना सिर्फ़ आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक संकट है। “हमारे गांव खाली हो रहे हैं, प्रतिभाएं दिल्ली और मुंबई में मजदूरी कर रही हैं। इसे अब रोकना होगा,” उन्होंने कहा।
यात्रा के दौरान युवाओं का भारी हुजूम देखा गया, जो “रोज़गार दो, पलायन रोको” और “पेपर लीक बंद करो” जैसे नारे लगा रहे थे। कई छात्र-छात्राओं ने मंच से अपनी पीड़ा साझा की, जिसमें सरकारी परीक्षाओं के बार-बार रद्द होने, नियुक्तियों में देरी, और निजीकरण के कारण अवसरों की कमी जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
कांग्रेस ने इस यात्रा को बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की भूमिका भी बताया, जिसमें युवाओं को केंद्र में रखकर पार्टी जन संवाद स्थापित करना चाहती है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन किसी पार्टी विशेष का नहीं, बल्कि युवा भारत की आवाज़ है।
पृष्ठभूमि:
बिहार में हाल के वर्षों में बेरोज़गारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, और सरकारी विभागों में खाली पदों के बावजूद नियुक्ति न होने जैसे मुद्दों ने युवाओं में भारी असंतोष पैदा किया है। ‘पलायन रोको, नौकरी दो’ यात्रा इन समस्याओं पर सीधा सवाल उठाती है और सरकार से जवाब मांगती है।
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