भारत ने सोमवार देर रात एक सटीक और निर्णायक सैन्य कार्रवाई में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। यह अभियान भारतीय सेना द्वारा देर रात 1:05 बजे शुरू किया गया और इसका उद्देश्य जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज़बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों के बुनियादी ढांचे को समाप्त करना था।
सूत्रों के अनुसार, इस ऑपरेशन में अत्याधुनिक ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी और जमीनी खुफिया जानकारियों का इस्तेमाल किया गया। भारतीय वायुसेना और विशेष बलों की संयुक्त रणनीति से किए गए हमलों में उन सभी ठिकानों को निशाना बनाया गया जहां आतंकियों की भर्ती, प्रशिक्षण और हथियारों का भंडारण होता था।
भारत सरकार ने इस अभियान को “मापा हुआ, केंद्रित और गैर-उकसावे वाला” बताया है, और कहा है कि इसका मकसद केवल आतंकवादी ठिकानों को समाप्त करना है, न कि आम नागरिकों या सार्वजनिक संरचनाओं को नुकसान पहुँचाना।
ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों में 15 नागरिकों की मौत और 43 के घायल होने की खबर है। भारत की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें कई पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बनाया गया।
गृह मंत्री अमित शाह ने घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित इलाकों से नागरिकों की सुरक्षित निकासी के आदेश दिए हैं और राहत कार्यों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। भारत ने स्पष्ट किया है कि जब तक सीमाओं पर आतंकवाद की आपूर्ति होती रहेगी, इस तरह की सैन्य कार्रवाइयां जारी रहेंगी।
सरकार ने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक निर्णायक कदम है और यह संदेश देता है कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगा।


