मुंबई, 5 महीने पहले:
पायधोनी पुलिस ने बेल्जियम निवासी एनआरआई जगपालप्रीत सिंह को गूंगे-बहरे व्यक्ति अरशद अली सादिक अली शेख की हत्या का मास्टरमाइंड घोषित किया है। जगपालप्रीत सिंह की इस हत्या के पीछे की वजह इंस्टाग्राम ग्रुप में उनकी नेतृत्व भूमिका को लेकर शेख के साथ हुई असुरक्षा को बताया गया है। सिंह ने वीडियो कॉल के जरिए हत्यारों को निर्देश दिया था, यह दावा करते हुए कि शेख ने उनकी समुदाय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है।
हत्या का विवरण:
5 अगस्त को, 33 वर्षीय शेख की हत्या उनके दोस्तों जय पवन चौड़ा (32) और शिवजीत सिंह (34) ने पायधोनी में एक घर में की।
हत्या के लिए हथौड़े और टूटी बीयर की बोतलों का इस्तेमाल किया गया।
शव को सूटकेस में पैक कर दादर प्लेटफॉर्म 11 से एक्सप्रेस ट्रेन में फेंकने की योजना थी, लेकिन रेलवे पुलिस ने समय रहते उन्हें रोक लिया।
जांच में खुलासे:
शेख की पत्नी, रुखसाना शेख, को भी इस हत्या में संलिप्त पाया गया। रुखसाना का चौड़ा के साथ कई वर्षों से अफेयर चल रहा था।
शेख अक्सर चौड़ा और शिवजीत के साथ झगड़ते थे और उनके वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते थे।
जगपालप्रीत सिंह, जो समुदाय के नेता थे, शेख के बढ़ते प्रभाव से असुरक्षित महसूस कर रहे थे।
पुलिस का बयान:
पुलिस ने बताया कि सिंह ने वीडियो कॉल के जरिए हत्या के निर्देश दिए। चौड़ा ने पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया और सिंह से लाइव कॉल भी की।
जांच के दौरान, पुलिस ने FRO (विदेशी पंजीकरण कार्यालय) से सिंह की भारत यात्रा के विवरण मांगे हैं और इंटरपोल के साथ उनकी गिरफ्तारी के लिए समन्वय कर रही है।
तीन अनुवादकों की टीमें गूंगे-बहरे व्यक्तियों की भाषा को समझने और जांच में मदद करने के लिए काम कर रही हैं।
पृष्ठभूमि:
शेख को चौड़ा और रुखसाना के अफेयर के बारे में पता था, जिससे उनके बीच झगड़े होते थे।
शेख और सिंह के बीच समुदाय में नेतृत्व को लेकर प्रतिस्पर्धा थी।
शेख द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो ने सिंह को और अधिक भड़का दिया, जिसके चलते उन्होंने हत्या की योजना बनाई।
निष्कर्ष:
यह मामला न केवल व्यक्तिगत विवादों और सामाजिक असुरक्षा को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यक्तिगत विवाद गंभीर अपराधों तक पहुंच सकते हैं। पुलिस इस मामले में आगे की जांच जारी रखे हुए है।



