12 जनवरी, 2025 | चेन्नई
ग्रेटर चेन्नई पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने फर्जी एनआरआई प्रमाण पत्र का उपयोग कर मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने के प्रयास से जुड़े मामले में शिक्षा परामर्श केंद्रों पर छापेमारी की।
डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च द्वारा वर्ष 2024-2025 के लिए मेडिकल पाठ्यक्रमों में यूजी और पीजी प्रवेश के लिए एनआरआई कोटे के तहत ऑनलाइन काउंसलिंग के दौरान पाया गया कि कुछ छात्रों ने भारतीय दूतावास द्वारा विभिन्न विदेशी देशों से जारी फर्जी एनआरआई बोनाफाइड प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए।
डायरेक्टरेट की शिकायत पर फर्जीवाड़ा जांच विंग, सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
जब्त सामग्री
जांच के दौरान, पुलिस ने 105 आपत्तिजनक दस्तावेज, 19 सील, 22 कंप्यूटर, 2 पेनड्राइव, 5 हार्ड डिस्क और कई मोबाइल फोन जब्त किए। यह सामग्री फर्जी एनआरआई प्रमाण पत्र बनाने और उनका उपयोग करने से संबंधित मानी जा रही है।
जांच अधिकारी अब इन प्रमाण पत्रों को बनाने में शामिल व्यक्तियों और संगठनों की पहचान करने और उनकी भूमिका का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच कर रहे हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम फर्जी एनआरआई प्रमाण पत्र के उपयोग को रोकने और शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
यह मामला भारतीय शिक्षा प्रणाली में फर्जीवाड़े की समस्या पर प्रकाश डालता है और अधिकारियों द्वारा इसे समाप्त करने के लिए उठाए गए सख्त कदमों को दर्शाता है।



