पठानकोट, 5 मार्च 2024:
पंजाब के पठानकोट जिले में एनआरआई हरदेव सिंह की हत्या की गुत्थी पुलिस ने केवल आठ घंटे में सुलझा ली। यह हत्या पुरानी दोस्ती और प्रेम संबंधों के विवाद के चलते हुई थी।
मामला क्या था:
हरदेव सिंह, जो ऑस्ट्रेलिया के स्थायी निवासी थे, 3 मार्च को तरनतारन में एक दोस्त की शादी में गए थे। 4 मार्च को उनकी लाश पठानकोट के हलका भोआ के गांव परमानंद में हाईवे किनारे मिली। उनके पेट में गोली मारी गई थी। शव के पास उनका मोबाइल फोन भी पड़ा मिला।
पुलिस जांच और खुलासा:
मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स खंगालने पर पता चला कि आखिरी कॉल उनकी एक पुरानी दोस्त को की गई थी।
पुलिस ने जब युवती से पूछताछ की तो पता चला कि हरदेव और आरोपी मनदीप सिंह, दोनों उससे जुड़े हुए थे।
मनदीप सिंह, जो हाल ही में अमेरिका से लौटा था, ने युवती को परमानंद गांव में मिलने बुलाया।
युवती ने मिलने से मना कर दिया, लेकिन हरदेव सिंह वहां पहुंच गए।
मनदीप और हरदेव के बीच बहस हुई, जिसके दौरान मनदीप ने हरदेव का रिवॉल्वर छीनकर गोली मार दी।
हत्या के बाद, मनदीप ने शव को एक स्कूल के पास सड़क किनारे फेंक दिया और फरार हो गया।
आरोपी का पता और गिरफ्तारी:
आरोपी मनदीप ने हत्या के बाद एक सफेद लग्जरी कार का इस्तेमाल किया। उसने कार जालंधर के करतारपुर में छोड़ दी और फरार हो गया।
पुलिस ने कार को बरामद कर लिया है। मनदीप ने कार कंपनी को फोन कर कहा कि उसे कोर्ट केस के लिए अमेरिका जाना है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ तारागढ़ थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
मृतक का परिवार और स्थिति:
हरदेव सिंह का परिवार ऑस्ट्रेलिया में रहता है। उनकी पत्नी विदेश में हैं, और वह अपने परिवार का इकलौता बेटा था।
परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है।
यह मामला न केवल व्यक्तिगत झगड़ों का परिणाम है बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे छोटी-छोटी असहमति बड़ी घटनाओं में बदल सकती है। पुलिस ने तत्परता से जांच कर मामले को सुलझाया, लेकिन न्याय प्रक्रिया अभी जारी है।



